विषय-सूची

योग वासिष्ठ के सातों प्रकरण, कुल 674 अध्याय और 28,087 श्लोक। हर अध्याय में मूल संस्कृत देवनागरी और IAST दोनों में है, साथ में हर श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ और अंग्रेज़ी अनुवाद।

ग्रंथ पढ़ें

वैराग्य प्रकरण (Vairāgya)

33 अध्याय, 1,145 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

मुमुक्षु प्रकरण (Mumukṣu)

20 अध्याय, 805 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

उत्पत्ति प्रकरण (Utpatti)

122 अध्याय, 5,389 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

स्थिति प्रकरण (Sthiti)

62 अध्याय, 2,396 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

उपशम प्रकरण (Upaśama)

93 अध्याय, 4,241 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

निर्वाण प्रकरण (Nirvāṇa I)

128 अध्याय, 5,297 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।

निर्वाण प्रकरण (Nirvāṇa II)

216 अध्याय, 8,814 श्लोक। हर संख्या के नीचे उस अध्याय के श्लोकों की गिनती है।